God owns everything and everyone, we are His servants called to be faithful.

परमेश्वर चाहता है कि हम अमीरी और आशीषों के लिए प्रार्थना करें ताकि इस पृथ्वी पर उसका काम पूरा करें और स्वर्ग के लिए तैयार हो सकें।
अनेक बार परमेश्वर अधर्मी जन का धन लेकर धर्मी जन को दे देता है।
इंसान तभी समपन्न और आशीशित होता है जब यहोवा उसके साथ होता है। यह जरूरी है कि हमारे हर काम में परमेश्वर का हाथ हमारे साथ हो।
वफादार भण्डारी अपनी अमीरी और आशीषों का श्रेय केवल परमेश्वर ही को देते हैं – न खुद को और न ही किसी दूसरे इंसान को।
शैतान जानता है कि परमेश्वर ही हमको आशीष देता है और हमारी सभी जरूरतें पूरी करता है लेकिन बहुत से लोग यह बात नहीं जानते हैं।
मनुष्य को जो कुछ दिया गया है उसके पीछे एक उद्देश्य है । उस उद्देश्य को जानना ही मनुष्य का कर्तव्य है।
धन यहोवा की आशीष से मिलता है और उसके साथ वह दुख नहीं मिलाता है।
परमेश्वर मनुष्य को संसाधन और सुअवसर प्रदान करता है लेकिन चीजों और वातावरण का नियंत्रण वह अपने ही हाथ में रखता है।
परमेश्वर समय , बुद्धि , शक्ति और सुअवसर प्रदान करता है जिसे वफादारी के सहट भण्डारीपन की आत्मा में विकसित किया जा सकता है।
परमेश्वर बहुत कुछ ऐसा है जो सब को बराबर देता है लेकिन कुछ ऐसा भी है जिसको बढ़ाना मनुष्य के हाथ में होता है।
हमारे पास जो है , हम जो कुछ हैं और हम जो कुछ प्राप्त कर सकते हैं , वह सब हमको परमेश्वर की ओर से मिलता है।
परमेश्वर , मनुष्य और चीजों के साथ होने वाली सभी समस्याओं का कारण यह है कि मनुष्य को भंडारीपन की सही समझ नहीं है।
